कल शाम बुआ का फोन आया तो आवाज़ में घबराहट थी बोली बेटा गैस का सिलेंडर खत्म होने वाला है अब दाम फिर बढ़ गए क्या उनकी इस चिंता को हर वो परिवार समझ सकता है जहाँ रसोई का बजट महीने के पहले हफ्ते में ही बन जाता है। फरवरी 2026 के ताजा अपडेट में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है, जो बुआ जैसे लाखों उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत है। लंबे समय से दामों में उतार-चढ़ाव देख रहे थे, पर इस बार थोड़ा सुकून मिला है।
जयपुर में क्या हाल कहीं आपके शहर में तो नहीं बढ़ा
राजस्थान की राजधानी जयपुर में 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू LPG सिलेंडर 856.50 रुपए पर स्थिर है। यह दर मार्च 2025 से बरकरार है, यानी पूरे एक साल से इसमें कोई उछाल नहीं आया। वहीं होटल-ढाबे वालों के लिए 19 किलोग्राम का कमर्शियल सिलेंडर करीब 1,769.00 रुपए में मिल रहा है। बुआ ने राहत की सांस ली, बोली “अच्छा है, अभी तो नहीं बढ़ा, वरना दाल-रोटी का हिसाब बिगड़ जाता।” अगर दूसरे शहरों की बात करें तो मुंबई में 852.50 रुपए, दिल्ली में 853.00 रुपए पर घरेलू सिलेंडर मिल रहा है। पर हैरानी की बात यह है कि राजस्थान के डूंगरपुर जैसे कुछ इलाकों में यह कीमत 902.50 रुपए तक पहुँच जाती है। यानी एक ही राज्य में इतना फर्क सोचिए।
उज्ज्वला वालों के लिए खुशखबरी सब्सिडी बरकरार
बुआ के लिए सबसे अच्छी बात यह रही कि सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 300 रुपए की सब्सिडी जारी रखी है। यह सब्सिडी साल में अधिकतम 9 रिफिल तक मिलेगी। मेरे हिसाब से, यह उन लाखों गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बड़ी राहत है जिनके लिए हर रुपया मायने रखता है। बुआ ने कहा बेटा यही सब्सिडी काम आती है वरना इतने महंगाई में गैस लेना भी मुश्किल हो जाता।
दाम स्थिर क्यों हैं और क्या रहेगा आगे का हाल
दरअसल, तेल कंपनियाँ हर महीने अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के दाम और डॉलर के रेट के हिसाब से कीमतें तय करती हैं। पिछले कुछ महीनों से इनमें कोई बड़ा उछाल नहीं आया, इसलिए घरेलू गैस के दाम स्थिर हैं। मेरा मानना है कि आम आदमी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने फिलहाल कीमतों को नियंत्रित रखा है। पर आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति देखते ही देखते हैं।
तो क्या यह स्थिरता असली राहत है
बुआ को मैंने समझाया कि यह स्थिरता ही आज के समय में बड़ी राहत है। जब दूध, सब्जी, दाल हर चीज के दाम आसमान पर हैं, तो गैस का न बढ़ना भी एक तरह से सस्ता होना ही है। मेरी निजी राय है कि सरकार को सब्सिडी और स्थिरता को लंबे समय तक बनाए रखना चाहिए ताकि रसोई का बजट पूरी तरह से बिगड़ने से बच सके। बुआ अब थोड़ी निश्चिंत हैं पर सवाल वही है क्या यह स्थिरता बरकरार रहेगी क्या आपके शहर में भी दाम स्थिर हैं या कहीं उछाल आ गया।